अचानक पांच सौ से अधिक मजदूरों का जत्था लौटा , प्रशासन में मचा हड़कंप   
 


 


टीकमगढ़। महीनों पहले  पलायन कर अपने घर परिवार छोड़ कर छोटे-छोटे मासूम बच्चों के साथ दो वक्त की रोजी रोटी के लिए  महानगरों की ओर पलायन कर परदेस गए  थे वह मजदूरों  अपने घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है।जब आज शुक्रवार वह अचानक आ गए  जिनकी संख्या पांच सौ से अधिक  मजदूरों  एक जत्था आया  हुआ  तो जैसे ही एमपी सीमा में प्रवेश किया तो बॉर्डर की चौकी कनेरा पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया जिसकी सूचना चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह के द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रशासन के अधिकारियों को दी गई जिसके बाद  जिला प्रशासन के उन दावों की भी पोल खुल कर सामने आ गई  जो अभी तक प्रशासन के द्वारा  रोजगार देने की बात सरकारी कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों के द्वारा कहीं जाती थी केवल सिर्फ झूठी नजर आए आज कुछ ऐसा ही नजारा थाना बमोरी कला क्षेत्र के जतारा म्ऊरानीपुर मार्ग पर स्थित कनेरा पुलिस चौकी बॉर्डर पर दोपहर के 3:00 बजे के लगभग देखने को मिला है बताते चलें कि टीकमगढ़ जिले के विभिन्न ग्रामों से सैकड़ों मजदूर रोजी रोटी के अभाव में महानगरों की ओर पलायन कर गए थे लेकिन जैसे ही देश में कोरोनावायरस ने अपनी आमद दर्ज कराई तो देशभर में केंद्र सरकार के द्वारा लाँकडाउन कर दिया गया जिसके बाद जो मजदूर महानगरों में मजदूरी कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट छा गया ऐसी स्थिति में वह मजदूर दिल्ली आगरा परवल आदि स्थानों से अब अपने गांव की ओर लौटने लगे हैं जिनमें से कुछ मजदूरों ने बताया कि वह पैदल ही चले हैं तो कुछ मजदूर ऐसे भी हैं जिनमें 400 से अधिक  मजदूर आए हैं जिनको उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के द्वारा वहां के प्रशासन ने एमपी बॉर्डर तक उनको भिजवाने की व्यवस्था की गई है जैसे ही यह मजदूर बॉर्डर की चौकी पर प्रवेश किया तो चौकी प्रभारी कनेरा शैलेंद्र सिंह के द्वारा सतर्कता बरतते हुए इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जिसके बाद नायव तहसीलदार पलेरा सत्यप्रकाश शुक्ला प्रभारी बमौरीकला मुकेश सिंह ठाकुर  मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर महेन्द्र कोरी अपने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर आ गए जिसमें पार्टी में के द्वारा सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया साथ ही समाजसेवियों व ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि श्याम लाल अहिरवार कनेरा सरपंच वीरेन्द्र कुशवाहा पुलिस प्रशासन के द्वारा मजदूरों  के बच्चों खाने व्यवस्था व्यवस्था  कराई गई जो भूख से तड़प रहे थे मजदूर स्वामी प्रसाद पहलवान ने बताया कि वह महेंद्र महेवा गांव से बीते छह माह पहले मजदूरी करने के लिए अपनी पत्नी व बच्चों के साथ आगरा गया गया था जहां से वह आज वापस लौटा है उसने बताया कि छोटे-छोटे बच्चे हम लोग भूख से तड़प रहे थे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के द्वारा वहां के प्रशासन ने हमें यहां तक भिजवाने की व्यवस्था की गई है तो वही मुन्नालाल पुत्र कल्लू अहिरवार निवासी कुड़ीला ने बताया कि वह भी 5 माह पहले मजदूरी करने के लिए आगरा गया था जिसके साथ छोटे-छोटे मासूम बच्चे और पत्नी थी बच्ची पलक खुशी के साथ गया था जिसमें एक 1 लडका साल दूसरा बच्चा 2 साल का है । और जो मजदूर पांच सौ से अधिक लौटे हैं सभी मजदूरों के साथ छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी थे जो भूख से तड़प रहे थे जिनके खाने की व्यवस्था कराई जा रही है साथ ही इस बात से यह तो स्पष्ट हो गया है कि टीकमगढ़ जिले से हजारों लोग रोजी-रोटी के अभाव में प्रदान कर गए थे जिससे शासन की मनरेगा योजना एवं विकास कारी योजनाओं की भी पोल खुल रही है।